ज़िन्दगी है तो ख्वाब है

ज़िन्दगी है तो ख्वाब है ख्वाब है तो मंजिलें है मंजिलें है तो फासले है फासले है तो होंसले है होसले है तो ज़िन्दगी है

एकांत की यात्रा

ये जीवन अकेलेपन से एकांत की यात्रा है रास्ता भी हम हैं राही भी हम है मंज़िल भी हम हैं

Holy Shit! That was a ride!

Life is journey not to arrive to your grave side safely. Rather to skid inside the grave like ssssssshh completely worn out and say “Holy Shit! That was a ride!” Be who you want to be just by being fearless You are never too old or never too experienced to change There are always new opportunities,…

वसीहत

कुछ भी केहना चाहूँ रूमानी रूह निकल आए हर एक हसीन में महजबीं खूब निकल आए उन की हर बात पे आँख से हसरत निकल आए हाय जज्बात मेरे खुद से ऊपर निकल आए जां निसार है फिर से चलो… कुछ और सितम निकल आए बस वसीहत में मेरी मुअय्यन उर्दू निकल आए

आहिस्ता चल जिंदगी

आहिस्ता चल ज़िन्दगी अभी क़र्ज़ चुकाना बाकी है कुछ दर्द मिटाना बाकी है कुछ फ़र्ज़ निभाना बाकी है रफ्तार में तेरे चलने से कुछ रूठ गए कुछ छुट गए रूठों को मनाना बाकी है छूटो को भुलाना बाकी है कुछ हसरतेंभी अधूरी है कुछ काम भी और ज़रूरी है इन साँसों पर हक है जिनका…

यूँ तो

यूँ तो… और भी सोहनी लगती है नए मोडर्न लिबास में तू खुद लिबास बदलदे या कोई तुझे बदलादे तेरे कुछ पुराने कपडे मैंने अपने पास रखे है यु तो… और भी मीठी लगती है नयी फिरंगी जुबान में तू खुद जुबान बदलदे या कोई तुझे सिखा दे तेरे कुछ पुराने लफ्ज़ मैंने अपने पास…

हर इतवार…

टिक टोक टिक टोक करके नन्ही जां जब आती है बस जां में जां आ जाती है जिंदा हो जाता हु हर बार हर बार मिलता हु उसको ऐसे मिली हो जैसे पहली बार किस किस, किस किस, किस करके किस्सी कुछ ऐसे करती है आंखे बंद हो जाती है, जादू बस हो जाता है…

जूते इंसानों की तरह पार्टनर बदलते नहीं

एक रात सो रहा था में की कमरे से आवाज़ आई आज हमसे भी गुफ्तगू करले अगर तेरे पास वख्त हो भाई नज़र घुमाई कमरे मे अरे ये कोन बोला तेरा हमसफ़र तेरा हमकदम तेरा हमराही तेरा जूता बोला मेरे सामने पहली बार मेरे जूते ने मुह खोला अमेरिका की हसी वादियों में मुझे जनवरी में बनाया…

तामस का बाज़ार

पी रहा हु, मेच्योरिटी कि दवाई , कई दशकों से ! सीख रहा हु, कब है बढाने, कब है घटाने, अपने कर्तव्यों के मुल्य ! चुप खड़ा, देख रहा हु, आज़ाद हवा में, उड़ रहे, मेरे जलते अधिकारों का धुआं ! रख आया हु, संग्रहालय में, अपनी, भावनाओ का संविधान ! एहसासकर लेता हु, खुली…