यूँ तो

यूँ तो… और भी सोहनी लगती है नए मोडर्न लिबास में तू खुद लिबास बदलदे या कोई तुझे बदलादे तेरे कुछ पुराने कपडे मैंने अपने पास रखे है यु तो… और भी मीठी लगती है नयी फिरंगी जुबान में तू खुद जुबान बदलदे या कोई तुझे सिखा दे तेरे कुछ पुराने लफ्ज़ मैंने अपने पास…

हर इतवार…

टिक टोक टिक टोक करके नन्ही जां जब आती है बस जां में जां आ जाती है जिंदा हो जाता हु हर बार हर बार मिलता हु उसको ऐसे मिली हो जैसे पहली बार किस किस, किस किस, किस करके किस्सी कुछ ऐसे करती है आंखे बंद हो जाती है, जादू बस हो जाता है…

जूते इंसानों की तरह पार्टनर बदलते नहीं

एक रात सो रहा था में की कमरे से आवाज़ आई आज हमसे भी गुफ्तगू करले अगर तेरे पास वख्त हो भाई नज़र घुमाई कमरे मे अरे ये कोन बोला तेरा हमसफ़र तेरा हमकदम तेरा हमराही तेरा जूता बोला मेरे सामने पहली बार मेरे जूते ने मुह खोला अमेरिका की हसी वादियों में मुझे जनवरी में बनाया…

तामस का बाज़ार

पी रहा हु, मेच्योरिटी कि दवाई , कई दशकों से ! सीख रहा हु, कब है बढाने, कब है घटाने, अपने कर्तव्यों के मुल्य ! चुप खड़ा, देख रहा हु, आज़ाद हवा में, उड़ रहे, मेरे जलते अधिकारों का धुआं ! रख आया हु, संग्रहालय में, अपनी, भावनाओ का संविधान ! एहसासकर लेता हु, खुली…