आहिस्ता चल ज़िन्दगी अभी क़र्ज़ चुकाना बाकी है कुछ दर्द मिटाना बाकी है कुछ फ़र्ज़ निभाना बाकी है रफ्तार में तेरे चलने से कुछ रूठ गए कुछ छुट गए रूठों को मनाना बाकी है छूटो को भुलाना बाकी है कुछ हसरतेंभी अधूरी है कुछ काम भी और ज़रूरी है इन साँसों पर हक है जिनका…
जूते इंसानों की तरह पार्टनर बदलते नहीं
एक रात सो रहा था में की कमरे से आवाज़ आई आज हमसे भी गुफ्तगू करले अगर तेरे पास वख्त हो भाई नज़र घुमाई कमरे मे अरे ये कोन बोला तेरा हमसफ़र तेरा हमकदम तेरा हमराही तेरा जूता बोला मेरे सामने पहली बार मेरे जूते ने मुह खोला अमेरिका की हसी वादियों में मुझे जनवरी में बनाया…
तामस का बाज़ार
पी रहा हु, मेच्योरिटी कि दवाई , कई दशकों से ! सीख रहा हु, कब है बढाने, कब है घटाने, अपने कर्तव्यों के मुल्य ! चुप खड़ा, देख रहा हु, आज़ाद हवा में, उड़ रहे, मेरे जलते अधिकारों का धुआं ! रख आया हु, संग्रहालय में, अपनी, भावनाओ का संविधान ! एहसासकर लेता हु, खुली…