भारत के Rockstar क्षत्रिय

भारत मे उच्च जाती ब्राह्मण मानी जाती है। 8वी सदी से वैष्णव जाती को सर्वोपरि माना जाता है। महात्मा गांधी भी वैष्णव जन पे कविता लिखते है। प्रचलित मान्यता के हिसाब से भागवत ने वैष्णव को सबसे ऊपर बताया है। और आम आदमी जो भगवान मे मान्यता रखता है वो सोचता है की वो वैष्णव है, वोही सबसे बड़ी बात है क्युकी वही भगवान को पा सकते है, वही भगवान के काफी करीब होते है। इस मान्यता मे जिंदगी निकलती है।

दरअसल मे, वैष्णव इस संसार का व्यापार करता है, और ब्राह्मण, इस दुनिया से परे किसी और दुनिया का व्यापार करता है। दोनों जटिल है, घुमाने वाले।

गौर करने वाली बात ये है, की सभी के सभी 21 तीर्थंकर क्षत्रिय थे, ब्राह्मण या वैष्णव नहीं। अर्जुन, जिसको चुना गया भगवद गीता कहने के लिए, वो भी क्षत्रिय था।

अब बड़ी बात और बड़े मजे की बात.. भगवान बुद्ध क्षत्रिय थे ! श्री राम क्षत्रिय थे !! श्री कृष्ण क्षत्रिय थे !!! इनमे से कोई भी ब्राह्मण नहीं था। इनमे से कोई भी वैष्णव नहीं था। क्या समझे बच्चु !!

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