यूँ तो…
और भी सोहनी लगती है
नए मोडर्न लिबास में
तू खुद लिबास बदलदे
या कोई तुझे बदलादे
तेरे कुछ पुराने कपडे
मैंने अपने पास रखे है
यु तो…
और भी मीठी लगती है
नयी फिरंगी जुबान में
तू खुद जुबान बदलदे
या कोई तुझे सिखा दे
तेरे कुछ पुराने लफ्ज़
मैंने अपने पास रखे है
यूँ तो…
और भी प्यारी लगती है
नाराज़ जब जब होती है
तू खुद शिकायत करले
या कोई तुजसे करवादे
वही प्यार भरे जज्बात
मेने अपने पास रखे है
यूँ तो…
और भी निखरी लगती है
मनमर्ज़ी जब जब करती है
तू खुद ही दूर चलीजा
या कोई तुझे ले जाए
तेरी करीबी के हर एहसास
मेने अपने पास रखे है
-रचित (Birthday 2016)
Lovely……