एक रात सो रहा था में की कमरे से आवाज़ आई
आज हमसे भी गुफ्तगू करले अगर तेरे पास वख्त हो भाई
नज़र घुमाई कमरे मे अरे ये कोन बोला
तेरा हमसफ़र तेरा हमकदम तेरा हमराही तेरा जूता बोला
मेरे सामने पहली बार मेरे जूते ने मुह खोला
अमेरिका की हसी वादियों में मुझे जनवरी में बनाया गया
और एक शीशे के फर्श पर बड़ी इज्जत से सजाया गया
ये लम्बी लम्बी गाडियों में मुझे गुमाया जाता था
और धुल मिटटी से दूर एक डिब्बे में लाया जाता था
वो भी क्या लाइफ थी
वो भी क्या लाइफ थी
पर जबसे तूने ख़रीदा है
अपना गणित ही उल्टा सीधा है
मैंने जूते को कुछ पल देखा फिर सरल स्पष्ट साफ़ सब्दो में उसे समझाया
बंद डिब्बे में कैद एक कैदी क्या मजे लेगा लम्बी लम्बी गाडियों के
आजादी सबसे जरूरी है जो तुझे दी है मेने
खुली हवा खुला पानी खुला आसमान दिया है तुझे मैंने
अपनि आजादी का हवाला देते हुए जूता मुझसे बोला
गले पर ये कसके तस्मे बांध देता है
ऊपर से बास मारती जुलाबे लपेट देता है
साठ किलो का इंसान मेरे पेट पर खड़ा हो जाता है
और इसी हालत में सारा दिन शेहेर के चक्कर लगवाता है
कभी कीचड़ चिपका है मुझसे तो कभी बबलगम
पर तुझे परवाह नहीं मेरी
अरे लानत भेजता हु ऐसी आजादी पर
या फिर यु कहू बर्बादी पर
उसका विरोध करते हुए मैंने ये फरमाया
तू हमेशा रोता रहियो रोंदडू कह कर उसको रुलाया
इंसान की वजह से ही तू सारा जहाँ घूम पाता है
कभी लाल किला तो कभी ताजमहल में जाता है
कभी शोपिंग मॉल तो कभी वाटर पार्क कभी थिएटर तो कभी क्रिकेट मैच
पर तू कब एहसान मानता है तू तो बस रोना जानता है
इतना सब सुनने के बाद जूता बड़े आत्मविश्वास से बोला
अच्छा जी
गया तो था मुझे ताजमहल दिखाने
खुद अन्दर हो आया मुझे बहार उतार दिया
पहले तू मुझसे छोटे छोटे कीड़े मरवाए पाप करवाए
फिर जब ममाफ़ी मांगने मंदिर जाए
तो खुद अन्दर हो आए मुजसे सिडियो पे छोड़ जाए
जब तक हम काम करते रेहते है तुम हम अपने साथ रखते हो
और जब हम काम के न रहे तब हमें फेक देखते हो
पर याद रख
हम जूतों की दुनिया में प्यार होता है
अपनापन होता है मेल मिलाप होता है
अगर हमारा साथी जूता खो जाता है तो हम उसके बगेर हम एक कदम भी चलते नहीं
तुम इंसानों की तरह हम पार्टनर बदते नहीं
Ye to sach h joote insaano ki tarah partner badalte nhi ..Bahot hi sunder soch aur andaaz usse bhi sunder…
Maza aa gaya